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दमा नाशक नुस्खा( मेरा अनुभूत)

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पूरी पोस्ट ध्यान से पढ़े,यह कोई कापी पेस्ट नही। नुस्खा:- हल्दी १०० ग्राम लेकर तुम्बा,( तुम्मा , इन्द्रायण फल) ( जो पकी न हो रसदार हो) तुन्बे को थोडा ऊपर से काट कर उस में हल्दी की गांठे भर दें। उसके बाद तुम्बी का काटा भाग ऊपर जोडकर धागे से लपेटकर धूप में सूखने के लिए छोड़ दे , जब सूख जाए , हिलाने पर खड़खड़ की आवाज आने लगे समझो सूख गया , उसमें सें हल्दी निकालकर कूटकर छान लें कपड़े से , फिर इस हल्दी में १० ग्राम फिटकरी भस्म (धतूरे और आक के दूध में बनाई हुई) १० ग्राम टंकण भस्म मिला कर काँच की शीशी में भरकर रख लें। सेवन कैसे करें ? -> ३-३ ग्राम सुबह - शाम गरम पानी में कनकासव मिलाकर ( यह कनकासव शास्त्री योग है , बाजार में इसी नाम से बना बनाया मिलेगा) कनकासव २०-२० मि.ली मिलाकर दवा खांए । चालीस दिन में पुराना जुकाम ओर ९० दिन से १८० ( नब्बे से एक सो अस्सी ) दिन में पुराना दमा ठीक होगा ।

नजला में बेहद असर्गार नुक़्स

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मौसम बदलते ही नजला जुकाम एलर्जी बहुत प्रेशान कर देती है । कई मित्र तो इस समस्या से दो- चार होते ही रहते है । •एक घरेलु प्रयोग बता रहा हुँ :- अदरक का रस एक या दो चम्मच , तुलसी के पत्तों का रस 1 चम्मच , एक चम्मच शहद , पाँच काली मिर्च यह चारों को अाप मिक्श करके चाट लें । दिन में दो या तीन बार लेने से बहुत लाभ होगा । •🏻एक आयुर्वेदिक दवा जो आपको खुद बनानी पढैगी - सफेद फिटकरी को आक के दूध में घोटकर भस्म करलें + धतूरे के पत्तों के रस में घोटकर सुखा कर कुजे में डालकर भस्म करलें । + पुठकंडा के सर्वाग रस में घोटकर भस्म करलें । + घी ग्वार के रस में घोटकर भस्म कर लें । फिर इसे पीसकर कपड़छान करके काँच की हवाबंद शीशी में डाल कर रख लें । 250mg से 1Gm तक शहद से चटवाएं । •अगर कफ जमा हुआ है तो बहेड़ा छिलका का कपड़छान चूर्ण मिलाकर थोड़ा सफेद मुसबर की भस्म मिलाकर लेने से बहुत ही लाभ मिलेगा । यह मेरा अनूभूत प्रयोग है । कई सालों से प्रयोग कर रहा है । शत् प्रतिशत लाभ मिलता है । • जो लोग यह न बना सकते हो वो महालक्षमी विलास रस 1 गोली अगर साथ में बुखार हो तो त्रिभुवनकीर्ति रस 2 गोली , अगर खांसी है तो अ...