नजला में बेहद असर्गार नुक़्स

मौसम बदलते ही नजला जुकाम एलर्जी बहुत प्रेशान कर देती है । कई मित्र तो इस समस्या से दो- चार होते ही रहते है । •एक घरेलु प्रयोग बता रहा हुँ :- अदरक का रस एक या दो चम्मच , तुलसी के पत्तों का रस 1 चम्मच , एक चम्मच शहद , पाँच काली मिर्च यह चारों को अाप मिक्श करके चाट लें । दिन में दो या तीन बार लेने से बहुत लाभ होगा । •🏻एक आयुर्वेदिक दवा जो आपको खुद बनानी पढैगी - सफेद फिटकरी को आक के दूध में घोटकर भस्म करलें + धतूरे के पत्तों के रस में घोटकर सुखा कर कुजे में डालकर भस्म करलें । + पुठकंडा के सर्वाग रस में घोटकर भस्म करलें । + घी ग्वार के रस में घोटकर भस्म कर लें । फिर इसे पीसकर कपड़छान करके काँच की हवाबंद शीशी में डाल कर रख लें । 250mg से 1Gm तक शहद से चटवाएं । •अगर कफ जमा हुआ है तो बहेड़ा छिलका का कपड़छान चूर्ण मिलाकर थोड़ा सफेद मुसबर की भस्म मिलाकर लेने से बहुत ही लाभ मिलेगा । यह मेरा अनूभूत प्रयोग है । कई सालों से प्रयोग कर रहा है । शत् प्रतिशत लाभ मिलता है । • जो लोग यह न बना सकते हो वो महालक्षमी विलास रस 1 गोली अगर साथ में बुखार हो तो त्रिभुवनकीर्ति रस 2 गोली , अगर खांसी है तो अभ्रक भस्म + सितोपलादि चूर्ण मिलाकर शहद से चाट लें । अगर आँखों में जलन है या पानी भी चलता है तो सप्तामर्त लौह ½ या 1 ग्राम के साथ लें । •पुदीन हरा “डाबर " की गोली को उबलते पानी में डालकर + नाक पर लगाने से बंद नाक खुल जाती है । •इलाची बीज ,नौशादर ,अजवायन ,कपूर टिकी को कपड़े में लपेट पोटली सी बनाकर पास रखें । बार-बार सूंघने से बहुत लाभ होगा । •नाक में रोगन बादाम हमदर्द का या वैद्यनाथ षडबिंदु तैल नश्य लेने से बेहद लाभ होता है । •कानों में सरसों का तैल गुनगुना करके जरूर डालें । तरावट आएगी खुश्की दूर होगी । •सिर पर रोगन खसखस और रोगन बादाम या रोगन ब्राह्मी का मालिश दिमाग की खुशकी दूर करेगी ओर दिमाग को ताकत देगी । इसके इलावा आप हमदर्द की नजली ,लयूक सपिसता,वासावलेह ,चयवनप्राश स्पैशल ,लक्षमी विलास रस नारदीय ,कफकेतु रस ,कनकासव आदि भी ले सकते है

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